Dear younger self,
पता है? सत्रह-अठारह की उम्र में...
Body image, facial hair वगैरह की तुम्हें
बिल्कुल पड़ी नहीं होगी।
iPhone 16 का भूत तुमपर
कभी सवार नहीं होगा।
दोस्ती तुम्हारी इनसानों से कम,
किताबों से ज्यादा होगी; यहां तक कि,
तुम्हें अपने आप से भी
कुछ ख़ास प्यार नहीं होगा।
सपने देखती हुई भी तुम सोचोगी,
इतने बड़े dreams कहीं मुझे मना तो नहीं?
दिखी-दिखाई रास्ते पर चल पड़ोगी,
जो तुमने खुद के लिए चुना था नहीं।
फिर भी, पग-पग पर self doubt का पत्थर मारने
inner voice तुम्हारी एकदम तैयार रहेगी।
"यह मुझसे होगा नहीं, मैं इतनी अच्छी नहीं" - ऐसा
दुनिया नहीं, तू ही अपने कानों में कहेगी।
कुछ सपने तुम्हारे, सच हो जाएंगे;
कई कोशिशों पर पानी फेर जाएगा।
Perfection के पीछे भाग-भाग कर, I'm sorry
to break it to you, तुम बस हारती रहोगी।
कई लोग आएंगे तुम्हारी हिम्मत बढ़ाने,
पर इस जंग में सिर्फ तुम ही खुद की सारथी रहोगी।
Speaking of जंग,
लड़ने पे life तुम्हें मजबूर कर देगी,
you will have no choice but to get up and be strong.
थोड़ी बदल जाएगी तू, थोड़ी वही रहेगी -
you will not fit in, but you will belong.
Self doubt का सिलसिला तो ख़ैर जारी रहेगा,
खुद की नजरों में तू perfect कभी नहीं बन पाएगी।
But धीरे-धीरे, तुम्हारी नज़र आईने से हटकर,
आस-पास की दुनिया पर भी जाएगी।
और जब दुनिया को smile कराने लगेगी, तब तू
आईनेवाली को प्यार से देखना भी ज़रा-ज़रा सीख ही जाएगी।
जो हुआ, किसी वजह से हुआ,
यह धीरे-धीरे समझ में आएगा।
Universe देर कर रहा है अगर, तो समझो
जो तुम्हारा है, उससे ज़्यादा ही तुम तक पहुंचाएगा।
तो in short,
जीना कभी आसान नहीं होगा, but you know what?
ज़िंदगी से (hopefully?) मोहब्बत हो जाएगी।
Spoiler Alert, but I have to tell you this -
जैसी हो, वैसी रहो; जिस रास्ते पर हो, लगी रहो।
क्योंकि एक दिन, हर सपने से खूबसूरत
तुम्हारी हकीकत हो जाएगी।
हर सपने से खूबसूरत, एक दिन
तुम्हारी हकीकत हो जाएगी।
Love,
You (from the future)
Comments
Post a Comment