कुछ पाने के लिए, कुछ खोना ज़रूरी है।
कुछ पाने के लिए, कुछ खोना ज़रूरी है।
दिल खोलकर हंसने के लिए, कूट कूट कर रोना ज़रूरी है।
कुछ पाने के लिए, कुछ खोना ज़रूरी है।
दिल खोलकर हंसने के लिए, कूट कूट कर रोना ज़रूरी है।
वो जीत का जश्न ही क्या, जिससे पहले हार का स्वाद चखा ना हो,
जंग ये जीतने के लिए, घायल होना ज़रूरी है।
तो क्या हुआ, अगर आज रास्ता भटक गए, मंज़िल तो तुम्हारी कल भी वहीं की वहीं रहेगी।
बस, करो यकीन खुद पे और कुदरत पे -
क्यूंकि कुछ नया बनने के लिए, पुराने का बिखर जाना ज़रूरी है।
कुछ पाने के लिए, कुछ खोना ज़रूरी है।
दिल खोलकर हंसने के लिए, कूट कूट कर रोना ज़रूरी है।
सफ़र ये बड़ा लंबा है, थक जाओ जब,
बेज़िझक आराम कर लेना,
मगर अगली सुबह फिर उठकर चलना ज़रूरी है।
कोयले को भी अगर हीरा बनना है,
तो पहले जलना ज़रूरी है।
क्यूंकि कुछ पाने के लिए, कुछ खोना ज़रूरी है।
दिल खोलकर हंसने के लिए, कूट कूट कर रोना ज़रूरी है।
The Tranquill Poet 🤍
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